Sunday, 3 October 2021

लक्ष्य ज्योतिष संस्थान ने किया सातवें निशुल्क ज्योतिष सम्मलेन का आयोजन: उत्तर भारत के ज्योतिषाचार्य ने शामिल होकर बढ़ाई सम्मलेन की शान

By Tricitynews Reporter

Chandigarh, Oct.03, 2021:- लक्ष्य जयोतिष संस्थान चण्डीगढ की ओर से निशुल्क सातवाँ जयोतिष सम्मेलन का आयोजन 03 अक्तूबर दिन रविवार, सैकटर 27-C सनातन धर्म मन्दिर में किया गया। उत्तर भारत के लगभग 115 ज्योतिषाचार्य ने कैंप में शामिल हो कर ज्योतिष विद्या की वैदिक, हस्त रेखा, टैरो कार्ड रीडर, अंक गणित, स्प्रिचुअल हीलर, रैकी, वास्तु-नाड़ी, लाल किताब एवं एस्ट्रोलॉजी से जुडी विभिन्न विधाओं के जरिए देश और समाज में हो रही अनेक समस्याओं पर चर्चा की। लक्ष्य जयोतिष संस्थान के फांउडर चैयरमैन रोहित कुमार, अध्यक्ष जयोतिषाचार्य वीना शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट पीयूष कूमार ने आने वाले सभी जयोतिषाचार्य का हार्दिक अभिनन्दन किया। इस सम्मेलन में महामण्डलेश्वर कमल किशोर, आचार्य सुखविंदर, आचार्य राज कृष्ण, तम्मना वर्मा लुधियाना से, शूभेश सर्मन दिल्ली से व अन्य विद्वान शामिल हुए।

लक्ष्य ज्योतिष संस्थान की प्रेजिडेंट आचार्य बीना शर्मा, फाउंडर व् चेयरमैन डॉक्टर रोहित कुमार और वाईस प्रेजिडेंट पीयूष कूमार ने बताया कि संस्थान की ओर से आयोजित इस ज्योतिष कैंप को निशुल्क लगाया गया है। इसमें न तो ज्योतिष विशेषज्ञों से ओर न ही आम जनता से किसी भी प्रकार की धनराशि ली गई है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष कैम्प में लोगों ने  अपनी जन्म तिथि, समय और जन्म स्थान बता कर या कुंडली दिखा कर ज्योतिष की विभिन्न विधाओं द्वारा अपनी राहू केतु की दशा और अपने जीवन से जुड़ी पारिवारिक, स्वास्थ्य, नौकरी व अन्य बातो की जानकारी हासिल की।

डॉक्टर रोहित कुमार ने बताया कि मानव जीवन के स्वास्थय से भी ज्योतिष का गहरा सम्बन्ध है। ज्योतिष के माध्यम से प्रत्येक इंसान/जातक अपने स्वास्थय के प्रति जानकारी हासिल कर सकता है, बल्कि भविष्य में होने वाले किसी भी प्रकार के दीर्घ व् सामान्य रोग को ज्योतिषीय उपायों के द्वारा इनका निवारण भी कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ज्योतिष के माधयम से ही जीवन में घट रही या निकट भविष्य में होने वाली विभिन्न कष्टकारी विपत्तियों को भी टाला जा सकता है। उन्होंने बताया की इस आधुनिक युग में मानव को सुख तो बहुत हैं पर मन में शान्ति नहीं और तन स्वस्थ नहीं रह पाता सन्तान कन्ट्रोल में नहीं रह पाती इन सब के लिए जयोतिष विधा की मदद ली जा सकती है।

संस्थान की प्रेजिडेंट आचार्य बीना शर्मा ने बताया की हालांकि ज्योतिष द्वारा जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा तो नहीं पाया जा सकता, परन्तु ज्योतिष के उपायों से इन पर काफी हद तक नियंत्रण जरूर पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आजकल ज्यादातर लोग घरेलु परेशानियों से ग्रस्त होकर अपनी आगे कि पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी लेने आते है। बच्चों के सुखमय विवाहित जीवन और उच्च शिक्षा के लिए उनकी कुंडली में विदेश योग के  बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने आते हैं।

डॉक्टर रोहित कुमार और आचार्य बीना शर्मा ने बताया की इस कैंप का मुख्य उद्देशय वैदिक ज्योतिष का प्रचार प्रसार है, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इस विद्या के बारे में जान सके। उन्होंने बताया की उनके संस्थान की और से गरीब परिवार के बच्चो को ज्योतिष विद्या की फ्री एजुकेशन दी जाती है ताकि वो इस विद्या से वो न केवल लोगों को जीवन में आ रही विभिन्न परेशानियों से छुटकारा पाने का उपाए बता सके, साथ ही अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।

 

प्लेराइट फाउंडेशन ने हरमिलन कौर को किया सम्मानित

By Tricitynews Reporter

Chandigarh, Oct.03, 2021:- पंजाब की हरमिलन कौर बैंस, 1500 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक को आज यहां प्लेराइट फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। हरमिलन ने पिछले महीने वारंगल में 60वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4:05 का समय लेकर महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ जीती थी। उन्होंने बुसान में 2002 एशियाई खेलों में सुनीता रानी के 4:06.03 समय लेकर लंबे समय से बने हुए रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उन्होंने महिलाओं की 800 मीटर की दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीता है।

प्लेराइट फाउंडेशन के सह-संस्थापक चितरंजन अग्रवाल और विवेक अत्रे ने उनकी हाल की उपलब्धि के लिए हरमिलन की सराहना करते हुए कहा कि हरमिलन ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित करके हम सभी को गौरवान्वित किया है और निश्चित रूप से अधिक एथलेटिक चैंपियनशिप्स में सफलता के साथ एक लंबा सफर तय करेगी।

हरमिलन कौर से बातचीत करने के लिए चंडीगढ़ की कुल गर्ल्स एथलीट भी वहां मौजूद थीं। इस मौके पर प्लेराइट द्वारा एक प्रश्न-उत्तर सेशन का भी आयोजन किया गया था। हरमिलन स्कूल में और फिर पंजाबी यूनिवर्सिटी में एक एथलीट के रूप में आगे बढ़ी हैं। 2019 में, उन्होंने 4:16.68 का समय लेकर यूनिवर्सिटी के 1,500 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ा।

उनकी मां उत्तर प्रदेश से आती हैं और पिता पंजाब से हैं। मां माधुरी सक्सेना, 2002 एशियाई खेलों में 800 मीटर रजत पदक विजेता हैं, और पिता अमनदीप बैंस, दक्षिण एशियाई खेलों में 1500 मीटर पदक विजेता हैं।

अपने करियर के बारे में जानकारी देते हुए, उन्होंने कहा कि जब मैं कक्षा 3 में थी, तब मेरी पहली रेस एक जोनल मीट थी। मैं पढ़ाई में भी क्लास टॉपर थी, लेकिन रेस में दूसरे स्थान पर रही। मैं दूसरे स्थान पर रहने के कारण खेल छोड़ना चाहता था। अगली दौड़ मैंने जीती और मेरी फोटो अखबार में छपी। तब से ये खेल मेरे लिए सबकुछ हो गया है।

बैंस अब एक कदम आगे बढ़ना चाहते हैं और 2022 के एशियाई खेलों में पोडियम फिनिश का लक्ष्य बना रहे हैं। उनका कहना है कि मैंने एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं खुद को और भी आगे बढ़ा सकता हूं। 5 सेकंड के निशान को तोड़ना है। मुझे यकीन है कि व्यापक अभ्यास और प्रशिक्षण के साथ मैं पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक लाने में सक्षम हो जाऊंगी। अपने फिटनेस के स्तर के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि जो महत्वपूर्ण है वह है जीरो फैट, जिस पर मेरे कोच पूरे समय ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य पर, उन्होंने कहा कि देश में अभी भी पर्याप्त संख्या में ट्रैक नहीं हैं, उदाहरण के लिए पंजाब में हर जिले में तीन ट्रैक होने चाहिए।

अंत में सभी उपस्थितों का धन्यवाद करते हुए विवेक अत्रे ने कहा कि प्लेराइट फाउंडेशन देश के उभरते हुए खेल सितारों का समर्थन और प्रबंधन करता रहा है! प्लेराइट का उद्देश्य अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को खेल के मैदानों में लाना है। फाउंडेशन वर्तमान में कई एथलीटों का प्रबंधन और मार्गदर्शन करता है और इसका उद्देश्य अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से खेल और एथलेटिक्स को प्रोत्साहित करना है।